पेरिस, 8 जनवरी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) को चीन विरोधी क्लब बनने से रोकने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

एलिसी पैलेस में फ्रांसीसी राजदूतों के साथ बैठक के दौरान श्री मैक्रॉन ने कहा, “जी7 को चीन विरोधी क्लब में नहीं बदलना चाहिए।” उनके मुताबिक, “जी7 को ब्रिक्स विरोधी क्लब और ब्रिक्स को जी7 विरोधी क्लब में बदलने से बचना भी जरूरी है।”
फ्रांसीसी नेता ने भारतीय विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर की उपस्थिति में बोलते हुए, जिन्हें अतिथि के रूप में बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था, जी7 और ब्रिक्स को एक साथ लाने के महत्व को बताया। मैक्रॉन का मानना है, “संक्षेप में, ब्रिक्स के सामने आने वाले कार्य सात देशों की प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं।”
उन्होंने कहा कि ग्रुप ऑफ सेवन शिखर सम्मेलन जून 2026 में गणतंत्र के दक्षिण-पूर्व में एवियन में फ्रांसीसी राष्ट्रपति की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा।











